हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में 2 बार क्यों मनाया जाता है? जानें बाबा बागेश्वर की बताई पूजा विधि और मंत्र

हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में 2 बार क्यों मनाया जाता है? जानें बाबा बागेश्वर की बताई पूजा विधि और मंत्र. पूज्य गुरुदेव बाबा बागेश्वर महाराज का संदेश | बागेश्वर धाम सरकार

श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है. ऐसा बाबा बागेश्वर महाराज का संदेश है. उन्होंने बताया कि दीपावली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी के दिन भी श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह के संकट टल जाते हैं और डर-भय दूर होता है.

बाबा बागेश्वर महाराज कहते हैं कि जो भी भक्त श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाता है, उनके कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती है. आइए जानते हैं कि साल में दो बार हनुमान जन्मोत्सव मनाने की मान्यता क्या है ?  और नरक चतुर्दशी के दिन बाबा बागेश्वर महाराज ने किस विधि से हनुमान जी की पूजा करने के बारे में विस्तार से बताया है.

हनुमान जी की पूजा किस दिन करनी चाहिए
                                                                     हनुमान जी की पूजा किस दिन करनी चाहिए

श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है

पूज्य बाबा बागेश्वर महाराज कहते हैं कि श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है।

श्री हनुमान जी का पहला जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इसके बारे में सभी को पता है और सभी धूमधाम से मनाते हैं लेकिन दूसरे श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव के बारे में बहुत कम लोगों को पता है.

दीपावली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी को मनाया जाता है दूसरा हनुमान जन्मोत्सव

बागेश्वर बाबा बागेश्वर महाराज कहते हैं, दीपावली के एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी होती है और उसी दिन श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है.

वर्ष में दो बार श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है. वाल्मीकि रामायण में भी इस बारे में वर्णन है. इसके साथ ही अन्य ग्रंथों में दीपावली से एक दिन पहले श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव का वर्णन है.

गुरुदेव भगवान तुलसी पीठाधीश्वर की भी है आज्ञा

बाबा बागेश्वर सरकार कहते हैं कि इस पवित्र दिवस पर पूज्य पाद गुरुदेव भगवान, हमारे जगद्गुरु भगवान तुलसी पीठाधीश्वर भगवान की आज्ञा है कि हनुमान जन्मोत्सव दीपावली के दिवस भी मनाया जाए.

दक्षिण भारत में भी है हनुमान जयंती की मान्यता

दक्षिण भारत की मान्यता के अनुसार इस दिन हनुमान जयंती भी रहती है. अतः हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह का संकट टल जाता है और निर्भीकता का जन्म होता है.

हनुमान जी का शक्तिशाली मंत्र और उसका हिंदी अर्थ

बाबा बागेश्वर महाराज ने बताया है कि श्री हनुमान जी के मंत्र क्या हैं.  भक्त इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप कर सकते हैं.

शुद्ध मंत्र

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।

वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

मंत्र का हिंदी अर्थ

  • मनोजवं: उनके पास मन के समान रफ्तार है.
  • मारुत-तुल्य-वेगं: उनकी गति वायुदेव (पवन) के समान है.
  • जितेन्द्रियं: ऐसे देव जिन्होंने सभी इंद्रियों पर पूर्ण रूप से काबू में कर लिया.
  • बुद्धिमतां वरिष्ठम्: बुद्धिमानों में सबसे आगे हैं.
  • वातात्मजं: जो पवनदेव के पुत्र हैं.
  • वानर-यूथ-मुख्यं: वानर सेना के प्रमुख हैं.
  • श्रीरामदूतं: भगवान श्रीराम के परम प्रिय दूत हैं.
  • शरणं प्रपद्ये: मैं ऐसे भगवान हनुमान की शरण में जाता हूं और उन्हें प्रणाम करता हूं.

हनुमान जी की पूजा के लिए बाबा बागेश्वर महाराज का विशेष संदेश

दीपावली के एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी को श्री हनुमान जी का यह मंगलमय प्रकटोत्सव और जन्मोत्सव मनाया जाता है.

दिवाली से एक दिन पहले पूज्य पाद गुरुदेव भगवान, हमारे जगद्गुरु भगवान तुलसी पीठाधीश्वर भगवान की आज्ञा है कि हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाए. तो श्री गुरुदेव भगवान की अनुकंपा से और बागेश्वर बालाजी महाराज जी की कृपा से श्री हनुमान जी की पूजा की जाए.

उनका अष्टोत्तर शतनामावली से लड्डुओं का अर्चन करें. पंचमुखी हनुमान जी महाराज का पूजन करें.

इन सभी पंचमुखी हनुमान जी के श्री विग्रहों का अर्चन करें.

नरक चतुर्दशी पर हनुमान जी की पूजा विधि: जानें एक-एक स्टेप

बाबा बागेश्वर महाराज के संदेश के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन भक्त श्री हनुमान जी की पूजा निम्न प्रकार से कर सकते हैं-

स्टेप 1: श्री हनुमान जी के सामने पूजा का संकल्प लें

सबसे पहले स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल को साफ करें और श्री हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक पूजा का संकल्प लें.

स्टेप 2: पंचमुखी हनुमान जी का पूजन करें

बाबा बागेश्वर महाराज ने पंचमुखी हनुमान जी महाराज के पूजन का विशेष उल्लेख किया है. भक्त पंचमुखी हनुमान जी के श्री विग्रह का विधि-विधान से पूजन और अर्चन करें.

स्टेप 3: अष्टोत्तर शतनामावली से लड्डुओं का अर्चन करें

श्री हनुमान जी की अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करते हुए लड्डुओं का अर्चन करें. श्रद्धापूर्वक भगवान को भोग लगाएं.

स्टेप 4: श्री हनुमते नमः मंत्र का जाप करें

पूजा के दौरान श्री हनुमान जी के बीज मंत्र का जाप करें.

ॐ हनुमते नमः।

इस मंत्र का श्रद्धा और भक्ति के साथ जाप करें.

स्टेप 5: हनुमान चालीसा का पाठ करें

श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार पाठ कर सकते हैं.

स्टेप 6: श्री हनुमान जी को प्रसाद भोग लगाएं

बाबा बागेश्वर महाराज ने श्री हनुमान जी को विभिन्न प्रकार के प्रसाद चढ़ाने का संदेश दिया है. इनमें शामिल हैं:

  • पंच प्रकार के मीठे का जिक्र है जिसमें लड्डू भी शामिल है.
  • बीड़ा पान.
  • तस्मई खीर.
  • इमरती का प्रसाद.

इनमें से किसी एक प्रसाद को भी श्रद्धापूर्वक श्री हनुमान जी को अर्पित किया जा सकता है.

स्टेप 7: हनुमान जी से सुख-शांति और संकट मुक्ति की प्रार्थना करें

अंत में श्री हनुमान जी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि, निर्भीकता तथा सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें.

बाबा बागेश्वर महाराज के अनुसार इनमें से किसी एक विधि से भी मिलेगी हनुमान जी की कृपा

बाबा बागेश्वर महाराज कहते हैं:

जो भी साधक पंच प्रकार का मीठा लड्डू और बीड़ा पान श्री हनुमान जी को चढ़ाता है. हनुमान जी का मंत्र का जप ॐ हनुमते नमः बीज मंत्र का जप करते हैं. जो भी हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. हनुमान जी को तस्मई खीर का प्रसाद चढ़ाते हैं. इमरती का प्रसाद यदि चढ़ाते हैं. इनमें से किसी भी एक विधि को करके यदि कोई साधक हनुमान जी की आज की उपासना करेगा, उस पर निश्चित रूप से हनुमान जी की बहुत महती कृपा होगी. इसमें किंचित मात्र भी संदेह नहीं है.

श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर बाबा बागेश्वर महाराज का मंगल संदेश

पुनः पुनः समस्त बागेश्वर धाम के प्रियजनों को नरक चतुर्दशी श्री हनुमान जन्मोत्सव की बहुत शुभकामनाएं.

आप सब पर हनुमान जी की अनुकंपा हो. बालाजी की अनुकंपा हो. आप सबका जीवन हनुमान जीमय बना रहे. ऐसी मंगल कामना है.

सबको श्री सीताराम। जय बागेश्वर धाम। हनुमान जी आप सब पर कृपा बनाए रखवें।

ऐसी कोई गली नहीं जहां बजरंगबली की चली नहीं। सीताराम।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में कितनी बार मनाया जाता है?

बाबा बागेश्वर महाराज के संदेश के अनुसार श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है। पहला चैत्र पूर्णिमा को और दूसरा दीपावली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी को।

2. नरक चतुर्दशी को हनुमान जन्मोत्सव क्यों मनाया जाता है?

बाबा बागेश्वर महाराज के अनुसार वाल्मीकि रामायण और अन्य ग्रंथों में इस दिन हनुमान जी के जन्मोत्सव का वर्णन बताया गया है।

3. नरक चतुर्दशी पर हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

इस दिन पंचमुखी हनुमान जी का पूजन, अष्टोत्तर शतनामावली से लड्डुओं का अर्चन, ॐ हनुमते नमः मंत्र का जाप और हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

4. हनुमान जी को कौन-कौन से प्रसाद चढ़ाने चाहिए?

बाबा बागेश्वर महाराज के संदेश के अनुसार पंच प्रकार के मीठे लड्डू, बीड़ा पान, तस्मई खीर और इमरती का प्रसाद अर्पित किया जा सकता है।

5. हनुमान जी का शक्तिशाली बीज मंत्र कौन सा है?

ॐ हनुमते नमः।

6. हनुमान जी की पूजा करने से क्या लाभ होता है?

बाबा बागेश्वर महाराज के संदेश के अनुसार हनुमान जी की पूजा करने से संकट टलते हैं, डर-भय दूर होता है और भक्तों को निर्भीकता प्राप्त होती है।

जय श्री राम। जय श्री हनुमान। जय बागेश्वर धाम सरकार।

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